देहरादून। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत अपने पैतृक गांव विरमोली के उपग्राम सैंण पहुंचे। उनके गांव अभी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। जनरल रावत पैदल खड़ी चढ़ाई चढ़कर अपने पैतृक घर पहुंचे। हालांकि वह हेलीकॉप्टर से भी गांव पहुंच सकते थे, लेकिन वह लैंसडौन में हेलीकॉप्टर से उतरकर पहले कार और फिर पैदल गांव तक पहुंचे। जनरल रावत ने करीब ढाई घंटे परिजनों संग बिताए। उन्होंने गांव के लोगों का हाल-चाल भी जाना। सैणा गांव पौड़ी जिले के द्वारीखाल विकासखंड में पड़ता है। थल सेना अध्यक्ष बनने के बाद रविवार को पहली बार गांव पहुंचे जनरल बिपिन रावत के कार्यक्रम को अत्यंत गोपनीय रखा गया था। पूरे क्षेत्र में सेना पुलिस, इंटेलीजेंस, सिविल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात थे। सेना के हेलीकॉप्टर से जनरल रावत रविवार दिन में करीब 12 बजे लैंसडौन सेना मुख्यालय पहुंचे। थोड़ी देर विश्राम के बाद वह अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ कार से विरमोली पहुंचे। इसके बाद गांव तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब एक किमी खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ी। थल सेना अध्यक्ष बनने के बाद रविवार को पहली बार गांव पहुंचे जनरल बिपिन रावत के कार्यक्रम को अत्यंत गोपनीय रखा गया था। पूरे क्षेत्र में सेना पुलिस, इंटेलीजेंस, सिविल पुलिस और प्रशासनिक

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