Thu. May 28th, 2020

पाकिस्तान की दिवाली या दिवाला पाकिस्तान पर एफएटीएफ का दिवाली बम

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पाकिस्तान पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने गाज गिराई है, पाकिस्तान को एफएटीएफ की मीटिंग के बाद बड़ा झटका लगा है। और दौहरे चरित्र वाला पाक अब छिन्न भिन्न होता दिख रहा है। माना जा रहा है के एफएटीएफ पाक के खिलाफ कार्रवाई कर बड़ा झटका दे सकता है ।

फ्रांस में एफएटीएफ का बैठक

दरअसल फ्रांस में हुई एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान बिखर सा गया है और उसे डर सता रहा है, की उसे आखिरी चेतावनी दे कर ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में डाला जा सकता है। दरअसल आतंक के आका पाकिस्तान के खिलाफ फ्रांस में एफएटीएफ की बैठक हुई । बैठक में मौजूद अधिकारियों ने ये साफ किया कि संकेत मिल रहे हैं, जिनसे साफ है कि आतंकी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने पर पाक को किसी भी देश का साथ नहीं मिलेगा। पाक ने 27 कार्ययोजना में से सिर्फ 6 पर मामूली कार्रवाई की है। इसके चलते पाक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सकती है। पाकिस्तान के ऊपर मुतसिबतों के बादल मंडरा रहे हैं, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाक के खिलाफ एफएटीएफ 18 अक्टूबर को फैसला सुनाएगा। नियमों के मुताबिक ‘ग्रे’ और ‘ब्लैक’ लिस्ट के बीच ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट है।

पहले हिटलिस्ट अब ब्लेकलिस्ट
आपको बतां दे कि किसी भी देश को ‘डार्क ग्रे’ लिस्ट में डालने का मतलब उसे सुधार के लिए आखिरी मौका दिया जाना होता है। और ये भी बता दें की पिछले साल जून में ही एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे सूची में डाला था और 27 मामलों पर काम करने के लिए इसी साल अक्टूबर तक का समय दिया था। अगर पाकिस्तान उन सभी मामलों पर काम करने में असफल रहता है, तो उसे ग्रे लिस्ट से उठा कर डार्क ग्रे लिस्ट में डाल दिया जाएगा, इस हाल में भी, उसके लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। ऐसे में उसको विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूरोपीय संघ से वित्तीय मदद मिलनी मुश्किल हो जाएगी।

बीते रविवार से शुरू हुई एफएटीएफ की बैठक में कई देशों के प्रतिनिधि अपने अपने देशों का नेतृत्व कर रहे हैं । आपको बता देंकी इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, यूएन, विश्व बैंक और कई दूसरे बड़े संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।


जान बचानी है तो भागो पाकिस्तान
अब पाक को अपनी जान और इज़्जत प्यारी है, और ईरान, उत्तर कोरिया की तरह एफएटीएफ की ‘ब्लैक’ लिस्ट में अपना नाम नहीं आने देना तो भागना पड़ेगा, वैसे आपको बता दें, इस मुसीबत का सामना कर रहे पाकिस्तान के वित्त मंत्री हम्माद अजहर के नेतृत्व में उनका एक दल पेरिस पहुंचा है। ये दल आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लांडिंग पर लगाम लगाने के लिए अपना पक्ष रखेगा।

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